पाठ 1केबल, कनेक्टर और एडाप्टर: XLR वायरिंग, इम्पीडेंस, फैंटम पावर और मजबूतीकरणविश्वसनीय लोकेशन कार्य के लिए केबल, कनेक्टर और एडाप्टर विकल्पों की जाँच करें। XLR पिनआउट, बैलेंस्ड बनाम अनबैलेंस्ड वायरिंग, इम्पीडेंस मैचिंग, फैंटम पावर डिलीवरी, स्ट्रेन रिलीफ़ और ह्म, क्रैकल और फेलियर को रोकने वाली मजबूतीकरण रणनीतियाँ सीखें।
बैलेंस्ड XLR वायरिंग और पिन मानकइम्पीडेंस, कैपेसिटेंस और केबल लंबाईफैंटम पावर स्पेक्स और सुरक्षा जाँचराइट-एंगल, लॉकिंग और बैरल एडाप्टरमजबूत जैकेट, बूट्स और स्ट्रेन रिलीफ़पाठ 2इनडोर डायलॉग के लिए कॉम्पैक्ट डायरेक्शनल माइक बनाम लॉन्ग शॉटगन के ट्रेड-ऑफ़इंटीरियर के लिए कॉम्पैक्ट डायरेक्शनल माइक और लॉन्ग शॉटगन की तुलना करें। रूम रिफ्लेक्शन्स, ऑफ-एक्सिस कलरेशन, रीच और हैंडलिंग की जाँच करें, यह सीखते हुए कि छत की ऊँचाई, दीवार की दूरी और रिवर्ब टाइम माइक लंबाई और पैटर्न चयन को कैसे निर्देशित करते हैं।
रूम ध्वनिशास्त्र और रिफ्लेक्शन नियंत्रणशॉर्ट शॉटगन और सुपरकार्डियोइड्सइनडोर लॉन्ग इंटरफेरेंस ट्यूब्सछत की ऊँचाई और बूम एंगल्सतंग लोकेशन्स के लिए माइक चुननापाठ 3फील्ड रिकॉर्डर और मिक्सर: प्रीएम्प क्वालिटी, गेन रेंज, लिमिटर/पैड, सैंपल रेट्स और बिट डेप्थप्रीएम्प क्वालिटी, गेन रेंज, लिमिटर्स, पैड्स और डिजिटल स्पेक्स से फील्ड रिकॉर्डर और मिक्सर का मूल्यांकन करें। सैंपल रेट, बिट डेप्थ, मीडिया रिडंडेंसी, पावर विकल्प और मॉनिटरिंग टूल्स से हेडरूम, शोर और लोकेशन पर विश्वसनीयता प्रभावित होती है, यह सीखें।
प्रीएम्प शोर, हेडरूम और गेन स्टेप्सलिमिटर्स, पैड्स और सेफ्टी ट्रैक उपयोगसैंपल रेट्स, बिट डेप्थ और फॉर्मेट्सपावरिंग, बैटरीज़ और रनटाइममेटाडेटा, रूटिंग और बैकअप मीडियापाठ 4लावेलियर माइक्रोफोन: ऑम्नीडायरेक्शनल बनाम डायरेक्शनल लैव्स, माइक कैप्सूल और प्लेसमेंट टिप्सलावेलियर माइक्रोफोन प्रकारों और प्लेसमेंट रणनीतियों में गोता लगाएँ। ऑम्नी और डायरेक्शनल लैव्स, कैप्सूल निर्माण, माउंटिंग हार्डवेयर, कपड़ों के नीचे छिपाना और केबल रूटिंग की तुलना करें ताकि रसल, पसीना क्षति और आरएफ या हैंडलिंग शोर कम हो।
ऑम्नीडायरेक्शनल लैव की ताकत और सीमाएँडायरेक्शनल लैव्स और एइमिंग चुनौतियाँकैप्सूल साइज़, ग्रिल्स और मॉइस्चर गार्ड्समाउंट्स, टेप और कपड़ा छिपावरसल शोर कम करने के लिए केबल रूटिंगपाठ 5एक्सेसरीज़: शॉक माउंट्स, हेडफोन्स, विंड जैक्स, केबल मैनेजमेंट और सॉफ्ट कैरी केसमाइक को स्थिर, सुरक्षित और व्यवस्थित रखने वाली आवश्यक एक्सेसरीज़ की समीक्षा करें। शॉक माउंट्स, विंड प्रोटेक्शन, हेडफोन्स और केबल टूल्स की तुलना करें, शोर कमी, टिकाऊपन, आराम और मुश्किल शूट्स पर तेज़ तैनाती पर ध्यान केंद्रित करते हुए।
शॉक माउंट आइसोलेशन प्रकार और रेटिंग्सक्लोज्ड-बैक बनाम ओपन-बैक हेडफोन्सविंडजैमर्स, कवर्स और स्टोरेज केयरकेबल टाईज़, रील्स और स्ट्रेन रिलीफ़सॉफ्ट केस, पैडिंग और लेआउट प्लानिंगपाठ 6पोलर पैटर्न्स: कार्डियोइड, सुपरकार्डियोइड, हाइपरकार्डियोइड विशेषताएँ और ऑफ-एक्सिस रिजेक्शनकार्डियोइड, सुपरकार्डियोइड और हाइपरकार्डियोइड पैटर्न्स ऑन और ऑफ एक्सिस पर कैसे व्यवहार करते हैं, यह जानें। पोलर रिस्पॉन्स, रियर लोब्स और रिजेक्शन एंगल्स से आइसोलेशन, रूम टोन कैप्चर और बूम या प्लांट माइक पोजिशनिंग प्रभावित होती है, यह सीखें।
कार्डियोइड पिकअप और प्रॉक्सिमिटी व्यवहारसुपरकार्डियोइड पैटर्न और रियर लोब नियंत्रणहाइपरकार्डियोइड रीच और साइड रिजेक्शन सीमाएँऑफ-एक्सिस कलरेशन और टोनल बदलावसामान्य लोकेशन्स के लिए पैटर्न चुननापाठ 7विंड प्रोटेक्शन और फोम, ज़ेपेलिन, ब्लिम्प और डेडकैट का हाई-फ्रीक्वेंसी प्रभावफोम, ज़ेपेलिन्स, ब्लिम्प्स और डेडकैट्स विंड से कैसे बचाते हैं जबकि टोन को आकार देते हैं, यह समझें। बल्क, अटेन्युएशन और हाई-फ्रीक्वेंसी लॉस के बीच ट्रेड-ऑफ़, प्लेसमेंट, मेंटेनेंस और विभिन्न मौसम स्थितियों के लिए टेस्टिंग विधियाँ सीखें।
फोम कवर्स और हल्की हवा नियंत्रणज़ेपेलिन शेल्स और सस्पेंशन विकल्पमज़बूत हवाओं के लिए ब्लिम्प प्लस डेडकैटएचएफ लॉस, ईक्यू कम्पेंसेशन और टेस्ट्सबारिश, धूल और सफाई प्रक्रियाएँपाठ 8शॉटगन बूम माइक्रोफोन: मॉडल्स, कैप्सूल साइज़, फ्रीक्वेंसी रिस्पॉन्सलंबाई, कैप्सूल साइज़ और वॉयसिंग से शॉटगन बूम माइक्रोफोन्स की तुलना करें। इंटरफेरेंस ट्यूब डिज़ाइन, फ्रीक्वेंसी रिस्पॉन्स, ऑफ-एक्सिस कलरेशन और सेल्फ-नॉइज़ से रीच, इनडोर रिफ्लेक्शन्स और फिल्म या डॉक्यूमेंट्री कार्य के लिए उपयुक्तता प्रभावित होती है, यह सीखें।
शॉर्ट बनाम लॉन्ग इंटरफेरेंस ट्यूब डिज़ाइनकैप्सूल साइज़, संवेदनशीलता और शोरफ्रीक्वेंसी रिस्पॉन्स कर्व्स और वॉयसिंगहैंडलिंग शोर और सस्पेंशन ज़रूरतेंशूटिंग परिदृश्यों से मॉडल्स मैच करनापाठ 9प्लांट/स्पॉट माइक और बाउंड्री माइक्रोफोन: उपयोग कब करें, प्लेसमेंट और फेज़िंग मुद्देजानें कब प्लांट, स्पॉट और बाउंड्री माइक्रोफोन बूम या लैव्स से बेहतर प्रदर्शन करते हैं। सेट्स पर प्लेसमेंट, फेज़ रिलेशनशिप्स, सतहों से रिफ्लेक्शन्स और टाइम एलाइनमेंट तकनीकें जो स्पष्टता और मोनो व स्टेरियो संगतता बनाए रखती हैं, जानें।
प्लांट या स्पॉट माइक कब चुनेंबाउंड्री माइक भौतिकी और उपयोग केसदीवारों, फर्श और टेबल्स पर प्लेसमेंटफेज़, कॉम्ब फ़िल्टिंग और टाइमिंगप्लांट्स को बूम और लैव्स के साथ ब्लेंड करनापाठ 10वायरलेस सिस्टम्स: डिजिटल बनाम एनालॉग, लेटेंसी, एन्क्रिप्शन, चैनलाइज़ेशन, एंटीना बेस्ट प्रैक्टिसेज़लोकेशन कार्य के लिए वायरलेस ऑडियो सिस्टम्स अध्ययन करें। एनालॉग और डिजिटल लिंक्स, लेटेंसी, एन्क्रिप्शन, चैनल स्पेसिंग, एंटीना प्रकार और गेन स्टेजिंग की तुलना करें, साथ ही ड्रॉपआउट्स, शोर और भीड़भाड़ वाले आरएफ सेट्स पर हस्तक्षेप कम करने वाली कोऑर्डिनेशन रणनीतियाँ।
एनालॉग बनाम डिजिटल लिंक विशेषताएँडायलॉग सिंक के लिए लेटेंसी बजट्सएन्क्रिप्शन विकल्प और की हैंडलिंगचैनल प्लानिंग और इंटरमॉड स्पेसिंगएंटीना प्लेसमेंट और डाइवर्सिटी उपयोगपाठ 11बूम पोल्स: कार्बन फाइबर बनाम एल्युमिनियम, लंबाई विकल्प, टेलीस्कोपिंग बनाम टू-स्टेजविभिन्न नौकरियों के लिए बूम पोल सामग्रियों, लंबाइयों और तंत्रों का आकलन करें। कार्बन फाइबर और एल्युमिनियम, लॉकिंग कॉलर्स, आंतरिक केबलिंग और लंबे डायलॉग टेक्स के दौरान थकान, हैंडलिंग शोर और वाइब्रेशन कम करने वाली हैंडलिंग तकनीकों की तुलना करें।
कार्बन फाइबर बनाम एल्युमिनियम ट्रेड-ऑफ़टू-स्टेज बनाम मल्टी-सेक्शन डिज़ाइन्सलॉकिंग कॉलर्स और मेंटेनेंसआंतरिक बनाम बाहरी केबल रूटिंगबूम ऑपरेटिंग पोस्चर और ग्रिप